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चंद्रमा का मंत्र। चंद्रमा के मंत्र को भी सूर्य के मंत्र की ही तरह प्रयोग करना चाहिए पहली विधि है मानसिक रूप से आप इस मंत्र को सुन सकते हैं। इस मंत्र को केवल सुनने मात्र से ही आपको चंद्र की कृपा प्राप्त हो सकती है। हेडफोन जा हैंडफ्री की सहायता से इस मंत्र का वीडियो चलाकर सुने। लगातार इस मंत्र को सुनते रहने से आपको यह मंत्र कंठस्थ हो जाएगा।

10-15 दिन तक आप इस मंत्र को सुनिए जब आपको लगे कि आपको इस मंत्र का सही उच्चारण मालूम हो गया है तब आप इसे एक आसन पर बैठकर भी प्रयोग कर सकते हैं।

इसके लिए सोमवार का दिन चुने। सोमवार सुबह किसी भी समय जब आप इस मंत्र को शुरू करना चाहते हैं वह समय नोट कर लीजिए। हर दिन आपको उसी समय चंद्रमा का मंत्र पढ़ना है। एक आसन लेकर उस पर बैठ जाइए अपने सामने दीपक जलाएं और दीपक की लो पर ध्यान केंद्रित करें। 1 या 2 मिनट तक दीपक की लौ को देखते रहें इससे आपका मन एकाग्र हो जाएगा।

एकाग्रता की अवस्था में आंखें बंद करके तीन माला इस मंत्र का जाप करें। संख्या महत्वपूर्ण नहीं है कंसिस्टेंसी महत्वपूर्ण है। आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि प्रतिदिन केवल 7 बार इस मंत्र का पाठ करते हुए यदि आप 1 वर्ष तक नियम बना लें तो भी आपको चंद्रमा से संबंधित किसी तरह का अशुभ फल प्राप्त नहीं होगा। तीन माला पाठ करते हुए 40 दिन तक नियम को बनाए रखें।

40 दिनों के पश्चात आपको अपने अंदर शक्ति का अनुभव होगा। डिप्रेशन एंग्जाइटी बेचैनी चिंता अवसाद डबल माइंड यह सब बीमारियां धीरे-धीरे दूर हो जाएंगी। मानसिक रूप से आप अपने आप को सक्षम समझेंगे और आपका मन आपके वश में रहेगा। इसके पश्चात आपका संकल्प दृढ़ हो जाएगा और आप अपनी बात पर कायम रह पाएंगे।

जरा जरा सी बात पर आप विचलित नहीं होंगे और भयभीत भी नहीं होंगे। मंत्र एक गोली की तरह ही काम करता है जैसे आपने डिप्रेशन की गोली ले ली और आप सारी चिंताएं भूल गए। यकीन मानिए यदि आप अपना नियम बनाए रखें तो 40 दिन के पश्चात इस मंत्र को आप जारी रखेंगे। और रखना भी चाहिए।

Categories: Mantras

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