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स्पष्ट शब्दों में कहें तो जेल जाने का योग इसकी हम बात कर रहे हैं। ज्योतिष के नियम समय के अनुसार परिवर्तनशील होते हैं।

आज का हमारा टॉपिक बंधन योग पर है। सबसे पहले समझते हैं इस योग के मायने क्या है। जब कोई व्यक्ति किसी अपराध की एवज में सरकार द्वारा दंड के रूप में जेल में बंद होता है तो उसे बंधन योग कहते हैं परंतु किसी चीज को हम व्यावहारिक रूप में देखें तो हर वह व्यक्ति एक बंदी है जो लंबे समय से परतंत्र है। हालांकि इस तरह का बंधन समाज मे स्वीकार्य है।

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  • क्या दुनिया मे ऐसे लोग भी हैं जो जीवनसाथी के दबाव मे अपने माता पिता की इच्छा को नजरंदाज करते हैं?
  • वे कौन से लोग हैं जो अपने माता पिता की मर्जी के अनुसार अपने जीवन साथी की खुशियों को नजरंदाज कर देते हैं?
  • क्या आप ऐसे किसी व्यक्ति को जानते हैं जो माता पिता और जीवन साथी दोनों को संतुष्ट रखता है?
  • क्या ऐसे लोग भी हैं जो घर बार की चिंता को छोड़ कर अपने आप मे ही मस्त रहता है?
  • क्या किसी ऐसे व्यक्ति से आप मिले हैं जिसे किसी रिश्ते के बंधन ने आज तक नहीं बांधा है?
  • क्या इस समाज मे निर्मोही होना असंभव है?

उपरोक्त प्रश्न हर व्यक्ति को अपने आप से पूछने चाहिए।

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मजबूर स्त्रियाँ

जो अपने निर्णय स्वयं नहीं ले सकता और जिसे बार-बार बाहर जाने की इजाजत नहीं है। दीवारों में कैद ऐसी अनेक औरतों को आपने देखा होगा जो घर से बाहर निकलती हैं तो सवाल खड़े हो जाते हैं। क्या यह बंधन योग नहीं है?

उन औरतों के विषय में सोचें जो किन्ही कारणों से ना ही अपनी शिक्षा पूर्ण कर पाती हैं और ना ही खुली हवा में सांस ले पाती हैं। विवाह के पश्चात घर की चारदीवारी के बाहर क्या हो रहा है इन्हें कुछ पता नहीं चलता।

मजबूर पुरुष

पुरुषों में भी ऐसे अनेक लोग होंगे जो पत्नी या माता-पिता के दबाव में अपना निर्णय स्वयं नहीं ले सकते, जिन्हें खर्च करने का भी अधिकार प्राप्त नहीं है या जिन्हें अपने विषय में सोचने के लिए दूसरों से पूछना पड़ता हो। ऐसे अनेक दब्बू पति होंगे जिन्हें लोग जोरू का गुलाम कहते हैं क्या यह भी एक तरह का बंधन योग नहीं है?

कुंडली का 12वां घर और बंधन

कुंडली का 12 वां घर ना केवल खर्चों का है बल्कि आपकी मौज मस्ती स्वतंत्रता स्वच्छंद निर्णय लेने की क्षमता का है। आपके आसपास का वातावरण कैसा है कुंडली के 12वें घर से जाना जाता है। अब यदि कुंडली का 12वां घर मंगल, शनि, राहु आदि ग्रहों द्वारा त्रस्त हो तो आपको परतंत्रता की आदत पड़ जाएगी और आपको पता भी नहीं चलेगा।

आप अपने रिश्तों मे इतने खो जाएँगे कि मोक्ष क्या है आप समझ ही नहीं पाएंगे।

आपकी शख्सियत इतनी जटिल होगी कि आपको अनेक बंधनों में बांधा जाएगा। परिस्थितिवश या फिर आपकी स्वेच्छा से ऐसे वातावरण का निर्माण होगा जिसमें आप स्वतंत्र नहीं होंगे। आपका दिन रात पहले से नियत होगा। आपके कार्य कलाप दूसरों द्वारा निर्धारित होंगे। आप एक मशीन की तरह काम करेंगे।

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कुंडली के बारे में घर को मोक्ष स्थान भी कहते हैं। क्यों कहते हैं क्या आपने कभी सोचा है? चलिए इस बारे में जान लेते हैं।

कुंडली का 12वां घर और मोक्ष

मोक्ष का मतलब होता है सभी बंधनों से आजादी। इस शरीर से भी और जीवन चक्र से भी आजादी। चूंकि कुंडली का 12वां घर मोक्ष का है तो मोक्ष तो मिलेगा मृत्यु के बाद, फिर जीवन में इसका क्या लाभ हुआ?

जीवन में इसका यह फायदा होता है कि आप एक ऐसे व्यक्ति होंगे जो बंधनों में बांधे जाने की बजाय स्वच्छंद घूमना अधिक पसंद करेंगे। इसके अतिरिक्त आपके कंधों पर जिम्मेदारियों का इतना बोझ नहीं होगा या आप उसे महसूस नहीं करेंगे।

जो खर्चों से मुक्त है ऐसा कौन है? इस पूरी दुनिया में यह वही है जिसकी कुंडली में 12वां घर मोक्षदायक ग्रह स्थिति से परिपूर्ण है। आपकी कुंडली मे मोक्ष का योग है या नहीं? जानने के लिए आज ही अपनी जन्म पत्रिका के लिए GuruVedic ज्योतिषी से संपर्क करें।

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