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क्या आप जानते हैं कि जून जुलाई के महीने में लोग शादियां क्यों नहीं करते या फिर जून जुलाई के महीने में अधिक शादियां नहीं होती इसके पीछे क्या कारण है?

इसके लिए देवशयनी एकादशी का संदर्भ भी दिया जाता है। जो लोग देवशयनी एकादशी, इसके महत्व इत्यादि के बारें में नहीं जानते, उनकी जानकारी में वृद्धि के लिए मैं आपके समक्ष देवशयनी एकादशी की कथा रख रहा हूँ।  

पुराणों के अनुसार भगवान विष्णु ने वामन का अवतार लिया था। अपने वामन अवतार में वे दैत्यों के राजा बलि के पास पहुंचे। उनका आकार सामान्य से छोटा था। उस समय राजा बलि यज्ञ कर रहे थे। राजा बलि ने वामन को आया देखकर उनसे पूछा कि मैं आपको दान में क्या दूँ।

वामन भगवान ने राजा बलि से तीन पग धरती दान में मांगी। छोटे आकार वाले वामन की यह इच्छा सुनकर राजा बलि ने कहा ब्राह्मण देवता आप जहां चाहे वहाँ तीन पग धरती माप कर ले लीजिए।

राजा बलि के यह कहने पर वामन रूप धारी भगवान ने अपना आकार बढ़ाना शुरू किया और उनका आकार इतना विशाल हो गया कि उन्होने अपने एक पैर से पूरी पृथ्वी को ढक लिया। दूसरे कदम से स्वर्ग लोक को नाप लिया। इसके बाद भगवान ने राजा बलि से पूछा कि बताओ मैं अपना तीसरा कदम कहाँ पर रखु।

राजा बलि का गर्व समाप्त हो गया। उन्होने भगवान के चरणों पर अपना सिर रखते हुए कहा कि भगवान मेरा सिर आपके समक्ष समर्पित है। भगवान ने प्रसन्न हो कर राजा बलि को पाताल लोक का अधिपति बना दिया और वर मांगने के लिए कहा।

राजा बलि ने कहा कि भगवन यदि आप मुझ पर प्रसन्न है तो कृपया सदा मेरे घर में विराजमान रहें। उस समय से भगवान चार मास के लिए पाताल लोक में राजा बलि के घर के द्वार पर विराजमान रहते है।

आषाढ़ मास की एकादशी के दिन भगवान विष्णु के पाताल लोक गमन को देवशयनी एकादशी और चार मास बाद कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष एकादशी को भगवान विष्णु के वापस लोटने को प्रबोधिनी एकादशी कहा जाता है।

भगवान विष्णु के शयन के इन चार मास के दौरान सूर्य का तेज भी क्षीण हो जाता है। हमारे शरीर में निवास करने वाली पित्त रूपी अग्नि भी मंद हो जाती है। इस समय के दौरान जल की बहुलता होती है।  इन कारणों से इस अवधि के दौरान सभी प्रकार के शुभ कार्य वर्जित किए गए है।

देवशयनी एकादशी आने के पश्चात विवाह, सगाई, नए घर में प्रवेश, दुकान का मुहूर्तऔर अन्य शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं।

वर्ष 2022 में 10 जुलाई को देवशयनी एकादशी है और देवउठनी एकादशी 04 नवम्बर 2022 को है।

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