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इस दिवाली लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए जो भी आप कर रहे हैं वे करते रहें। साधना मे शीघ्र सफलता, कारोबार मे उन्नति और स्करात्मक बदलाव के लिए कुछ बहुत ही व्यावहारिक और अचूक उपाय दे रहा हूँ। इन्हें आप मेरी ओर से दीपावली की शुभकामनायें समझें।

Diwali-Tips - दिवाली पर पूजा कैसे करें

हर घर मे दिवाली के दिन पूजा पाठ अवश्य होता है। अपना अपना तरीका है सबका। फिर भी मेरे तरीके से एक बार पूजा करके देखें आप आश्चर्यचकित रह जाएंगे।

दिवाली है या कोई और त्योहार है बहुत अच्छे विचार आ रहे हैं पर यकीन करें सारे विचार अच्छे नहीं होते यह आपका मन ही है जो आपको सीधे देवी या देवता के साथ जोड़ता है इसलिए पहले इसे साधने का काम करें।

अपने आप को तैयार करें

ड्राइंग की कापी का एक कागज लें और उसके बीचोंबीच डेढ़ इंच का एक गोला बना लें और उसे काले रंग से रंग दें। अब किसी एकांत जगह पर बैठ कर अपने से तीन फीट की दूरी पर बिलकुल आंखों की सीध मे इस कागज को दीवार पर चिपका दें और बिन्दु पर ध्यान केन्द्रित करें। कुछ और सोचना बंद करें और केवल काले रंग को देखें। इससे आपको पता चलेगा आपका मन कहाँ कहाँ भाग रहा है। बस इसे एक दो मिनट देखते रहें। एक मिनट आँखों को आराम दें और जितनी देर कर सकते हैं करें। मन बिलकुल शांत हो जाएगा। अब आप पूजा पाठ या मंत्र जाप के लिए तैयार हैं।

इसे करने से आपकी मानसिक शक्ति बढ़ती है आपके मन के एकाग्र होने से आपका संपर्क आपके इष्ट से तुरंत हो जाता है। धीरे धीरे अपने भविष्य की झलक आपको इसी बिन्दु मे देखने को मिलेगी। मानसिक शक्तियों का विकास होने पर आप अपने क्रोध और इच्छा पर नियंत्रण कर पाएंगे। ब्लड प्रेशर और मूड स्विंग की अचूक दावा है त्राटक। अनेक प्रकार के लाभ आपको स्वयं दिखेंगे।

क्या आप देवी देवताओं की शक्ति पर निर्भर हैं ?

देवी देवता से कुछ मांगने का समय

देवी देवता से मांगने का भी समय होता है। कुछ लोग मंदिर मे जाते ही शुरू हो जाते हैं मेरी शादी कब होगी। मेरे रुके पैसे मिल जाएँ। नौकरी लग जाये बस। मुझे ये मिल जाये मुझे वो मिल जाये।

अब ये सब सोचना बंद। पहले नमस्कार फिर दर्शन। फिर जो देखा है इसे मन मे देखने का प्रयत्न करें। इस छ्वी को याद रखने का प्रयत्न करें। फिर यदि कुछ दान या भेंट है तो उसे समर्पित करें और बदले मे कुछ मांगें मत। ये तो व्यापार हुआ।

यदि भेंट स्वरूप कुछ न हो तो मन मे कल्पना करें जो भी समर्पित करना चाहते हैं मन के द्वारा करें। हवन के समय पंडित भी ऐसा ही करते हैं जब कोई चीज की कमी रह जाती है तब। याद रखें आपके दान से किसी न किसी का रोजगार जुड़ा होता है।

वास्तव मे देवी देवता को आपकी तीव्र इच्छाओं का ज्ञान होता है आपकी पूजा अर्चना स्वीकार होने पर स्वयं मन मे आवाज आएगी और वही समय होगा कुछ मांगने का।   

भावना पर काम करें

मंत्र जाप के समय मंत्र का अर्थ याद रखना चाहिए या फिर अपनी भावनाओं, इच्छा, शत्रुता को कुछ समय भूलकर केवल और केवल स्तुति करें। क्रोध, रोष, रोते हुए जाप न करें। मन को शांत करके मानसिक रूप से अपने शरीर से बाहर निकलें। ऐसा महसूस करें कि आप इस शरीर मे हैं ही नहीं।

नजरंदाज करना सीखें और मन को एकाग्र करके अपनी साधना को सरल बनाएँ यही बातें हैं जो आपको पहले सीखने चाहिए।

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