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कुंडली का दूसरा घर सब जानते हैं धन परिवार और आपकी संपत्ति का है परंतु क्या आप जानते थे कि कुंडली के इसी घर से आपकी सुंदरता का भी पता चलता है जी हां केवल लग्न से ही नहीं बल्कि दूसरे घर से भी आपके अंदर खूबसूरती कितनी है यह पता चलती है एक उदाहरण देता हूं ।
एक खूबसूरत स्त्री वह नहीं है जो तन से खूबसूरत है बल्कि जिसका मन भी सुंदर है वाणिज्य सुंदर है बोलचाल सब तरफ से जो सुंदर और सुशील हो उसी को सर्वांग सुंदरी समझा जाएगा और जब तक कुंडली का दूसरा घर अच्छा ना हो ऐसा हो ही नहीं सकता कि एक स्त्री पूरी तरह से सुंदर समझी जाए।
कल्पना कीजिए एक स्त्री की जो शरीर शक्ल सूरत से तो खूबसूरत है परंतु उसकी भाषा का तीखापन आवाज कर्कश है और अबूसिव है क्या उसे सुंदर माना जाएगा जन्म कुंडली का दूसरा घर देख कर पता चलता है कि आपकी सुंदरता कहां तक सीमित है ।

कुंडली का दूसरा घर सब जानते हैं ध्यान परिवार और आपकी संपत्ति का है परंतु क्या आप जानते थे कि कुंडली के इसी घर से आपकी सुंदरता का भी पता चलता है जी हां केवल लग्न से ही नहीं बल्कि दूसरे घर से भी आपके अंदर खूबसूरती कितनी है यह पता चलती है एक उदाहरण देता हूं ।

हम बात कर रहे हैं कुंडली के दूसरे घर की । कुंडली के दूसरे घर से जो चीजें देखी जाती हैं वह हैं आपका परिवार,आपका खानदान और आपके परिवार का पैसा, आपकी धन संपत्ति आदि आपकी आर्थिक स्थिति यह सब कुंडली के दूसरे घर से देखा जाता है सबको पता है।

आज मैं आपको जो चीजें बताने जा रहा हूं वह आपने पहले ना कभी कहीं पढ़ी होंगी ना सुनी होगी।

कुंडली के दूसरे घर से जो सबसे महत्वपूर्ण चीज है वह देखी जाती है आपकी सुंदरता आप कितनी खूबसूरत हैं जी हां लगन से पता चलता है कि आप दिखते कैसे हैं परंतु कुंडली के दूसरे घर से आपकी खूबसूरती का पता चलता है। कैसे आइए जानते हैं

खूबसूरती वह नहीं है जो सामने से नजर आती है एक और भी चीज व्यक्ति को खूबसूरत बनाती है । वह है उसकी वाणी उसकी बोलने की क्षमता उसके बोलने का तरीका चलने फिरने का तरीका बॉडी लैंग्वेज यह सब कुंडली के दूसरे घर से देखा जाता है । आपकी शालीनता कुंडली के दूसरे घर से देखी जाती है आप कितना मधुर बोलते हैं कितना मीठा बोलते हैं या आपकी आवाज कितनी कर्कश है यह तय करेगी कि आप कितनी खूबसूरत हैं। आप कल्पना कीजिए एक व्यक्ति की जो दिखने में तो बहुत खूबसूरत है परंतु उसकी भाषा बोलने का तरीका अच्छा नहीं है। किसी की आवाज बहुत भारी होती है किसी की जरूरत से ज्यादा पतली होती है तो किसी की आवाज ऐसे लगता है जैसे प्रेम से कभी किसी से बात ही नहीं की ।

एक स्त्री का चाल चलन उसका व्यवहार कुंडली के दूसरे घर से आराम से पता लगाया जा सकता है ।

साथ ही पता चलता है कुंडली के दूसरे घर से कि आपके घर की स्थिति क्या है आपके परिवार की स्थिति क्या है लाइफ स्टाइल कैसा है आपका जिस घर में रहते हैं । वहां का माहौल कैसा है। जिसे कहते हैं ना संस्कार बुजुर्गों ने आपको क्या संस्कार दिए हैं सबसे पहले दूसरे घर से देखे जाते हैं ।

किसी की पढ़ाई लिखाई से उसके व्यवहार का कम पता चलता है । कुंडली के दूसरे घर से यह बात अच्छी तरह से मालूम हो सकती है कि चाहे व्यक्ति पढ़ा लिखा हो या अनपढ़ हो उसमें बुद्धि कितनी है इसलिए कुंडली के दूसरे घर को बुद्धि का स्थान भी कहते हैं।

आपका खान-पान कैसा है। आपकी आदतें क्या है। आपके वो कल स्किल कम्युनिकेशन स्किल कितनी भाषाएं जानते हैं । यह सब कुंडली के दूसरे घर से पता लगाया जा सकता है।

एक्यूरेट प्रिडिक्शन की जा सकती है कुंडली के दूसरे घर से यदि बताने वाला अच्छा हो तो कुंडली के दूसरे घर से यह सब कुछ बता देगा जो ऊपर लिखा है।

धन्यवाद


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